बेगुसराय, मार्च 11 -- खोदावंदपुर, निज प्रतिनिधि। रमज़ानुलमुबारक का जहन्नम से पनाह मांगने वाला आखिरी अशरा आज से शुरू हो गया है। जहन्नम की आग से छुटकारा पाने वाले इस अशरे में खुदा की खास इबादत कर अपनी दुआओं के जरिए जहन्नम की आग से पनाह मांगें। ये बातें नुरूल्लाहपुर जामा मस्जिद के पूर्व इमाम मौलाना मोहम्मद मोइनुद्दीन साहब ने 21 वें रमज़ानुलमुबारक के मौके पर बुधवार को कहीं। उन्होंने कहा कि रमज़ानुलमुबारक का रोज़ा खुदा की रहमतों, बरकतों, एनायतों व मग़फेरत तथा जहन्नम की आग से बचाने के साथ सेहतमंद रखने में अहम किरदार निभाता है। रमज़ानुलमुबारक के रोज़े और पंजगाना नमाज़ इंसान के लिए रूहानी पाकीज़गी के साथ साथ शारीरिक स्वस्थ्यता प्रदान करने में सहायक है। उन्होंने बताया कि रोज़ा खालिस अल्लाह के लिए है। इस लिए रोज़े का अजर भी अल्लाह खुद देते हैं। नमाज़...