नई दिल्ली, अप्रैल 22 -- Justice Swarana Kanta Sharma: दिल्ली के सियासी और न्यायिक गलियारों में इन दिनों आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बहस की खूब चर्चा हो रही है। केजरीवाल से जुड़ी याचिका पर फैसला सुनाने के लिए जज ने न केवल कोर्ट का समय खत्म होने के बाद तक काम किया, बल्कि उन्होंने अपने जीवन के सबसे श्रेष्ठ दिवस जन्मदिन को भी प्राथमिकता नहीं दी। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शाम के करीब 6:10 बज रहे थे। आमतौर पर अदालतें खाली हो जाती हैं। इस समय जस्टिस शर्मा ने ओपन कोर्ट में अरविंद केजरीवाल के मामले में फैसला पढ़ना शुरू किया। यह फैसला कोई संक्षिप्त आदेश नहीं था। जस्टिस शर्मा को अपना निर्णय पूरा पढ़ने में 50 मिनट से अधिक का समय लगा। दिलचस्प ब...