रांची, जनवरी 23 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश कुमार के साथ नोक-झोंक मामले में आपराधिक अवमानना का सामना कर रहे अधिवक्ता महेश तिवारी की शीर्ष कोर्ट याचिका खारिज कर दी। शुक्रवार की सुनवाई में सीजेआई सूर्यकांत ने तिवारी के रवैये पर कड़ी टिप्पणी की। सीजेआई ने कहा कि याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट से ऐसा आदेश चाहते हैं, जिसे दिखाकर यह कहा जा सके कि 'क्या बिगाड़ लिया मेरा?।' सीजेआई ने कहा कि यदि वह माफी मांगना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा करना चाहिए। अगर वह जजों को आंख दिखाना चाहते हैं तो वह ऐसा कर सकते हैं। हम यहां बैठे हैं और हम इसे देखेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट से कहा कि यदि महेश तिवारी माफी मांग लेते हैं तो उनके प्रति सहानुभूति दिखाई जाए। उनका पिछले साल अक्टूबर में झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश कुमार के साथ बहस का ...