शामली, जुलाई 20 -- कुछ लोग अपने दम पर इतिहास रचते हैं, जबकि कुछ ऐसे होते हैं जो इतिहास रचने वाले खिलाड़ियों को तैयार करते हैं। कैप्टन अमरीश कुमार अदाना दोनों श्रेणियों में अपनी अलग पहचान रखते हैं। दक्षिण एशियाई खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाले इस धावक ने भारतीय सेना में रहते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार किया और अब कांधला क्षेत्र के जसाला स्टेडियम स्थित खेलो इंडिया एथलेटिक्स सेंटर से ग्रामीण युवाओं के सपनों को नई दिशा दे रहे हैं।

खेल सफर की शुरुआत 2 जुलाई 1975 को तत्कालीन गाजियाबाद (वर्तमान हापुड़) जनपद के लोधीपुर छपका गांव में जन्मे अमरीश कुमार अदाना का खेल सफर संघर्ष और अनुशासन की मिसाल है। दसवीं कक्षा के बाद उनका चयन भारतीय सेना की जाट रेजीमेंट सेंटर, बरेली में हुआ। प्रारंभिक सैन्य प्रशिक्षण और जम्मू-कश्मीर के ...