प्रयागराज, मई 9 -- एमएनएनआईटी में इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) केंद्र की ओर से 'जल संसाधनों का सतत विकास' विषय पर शनिवार को तकनीकी संगोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि जलकल विभाग के महाप्रबंधक इंजीनियर कुमार गौरव ने कहा कि जल संरक्षण और अपशिष्ट जल की रोकथाम आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जल दोहन और उसके अपव्यय के प्रति लोगों की लापरवाही आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकती है। उन्होंने बताया कि भारत विश्व में जल के सबसे बड़े उपयोगकर्ताओं में शामिल है। इसलिए जल संरक्षण संबंधी नीतियों और नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। अध्यक्षता कर रहे प्रो. अवनीश कुमार दुबे ने कहा कि पृथ्वी पर उपलब्ध ताजे पानी का अधिकांश हिस्सा ग्लेशियरों में जमा है और केवल सीमित मात्रा ही मानव उपयोग के लिए उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदूषण...