रुडकी, फरवरी 23 -- आईआईटी रुड़की और राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच) के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार से '4वें रुड़की वाटर कॉन्क्लेव ' का आगाज़ हुआ। बुधवार तक चलने वाले इस त्रिवसीय सम्मेलन का मुख्य विषय नेक्सस दृष्टिकोण के माध्यम से सीमापार जल सहयोग रखा गया है। उद्घाटन सत्र में दुनिया भर के जल विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और शोधकर्ताओं ने जल सुरक्षा को भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए एकीकृत समाधानों पर जोर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और कुलगीत के साथ हुई। मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य डॉ विनोद के पाल ने अपने मुख्य व्याख्यान में जल नीति के रणनीतिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। जल, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के अंतर्संबंधों (नेक्सस) को समझते हुए सीमापार नदी बेसिन प्रबंधन पर चर्चा। अमेरिका, जर्मनी, यूके, इज़राइल और जापान सहि...