नई दिल्ली, फरवरी 17 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। राजधानी में जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है। इसके तहत एनजीटी ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को जल निकायों के पुनर्जीवन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों से वसूली गई पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि का उपयोग इसी योजना के क्रियान्वयन में किया जाए और छह माह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की जाए। यह आदेश पूर्वी दिल्ली के ब्रह्मपुरी इलाके में एक व्यक्ति द्वारा भूजल के अवैध दोहन के संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया। न्यायिक सदस्य अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने कहा कि संबंधित अनधिकृत बोरवेल को सील कर दिया गया है तथा 35,064...