सिमडेगा, मार्च 28 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। एलपीजी गैस की आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव एवं किल्लत के बीच लोगों का रुख तेजी से पारंपरिक ईंधन की ओर मुड़ा है। जिसका सीधा असर जलावन लकड़ी की कीमतों पर पड़ा है। कुछ महीने पहले तक जिस जलावन लकड़ी का बंडल 350 से 500 रुपये में आसानी से मिल जाता था। आज वही 550 से लेकर 1000 रुपये प्रति बंडल तक बिक रहा है। हैरानी की बात यह है कि पहले कम कीमत होने के बावजूद जिसे खरीदने वाले कम मिलते थे, अब वही लकड़ी महंगे दामों पर भी हाथों-हाथ बिक रही है। बाजारों में लकड़ी विक्रेताओं का कहना है कि मांग अचानक बढ़ जाने से कीमतों में उछाल आया है। गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण लोग मजबूरी में लकड़ी का सहारा ले रहे हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में चूल्हा फिर से जलने लगा है। इधर लकड़ी का दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं की परेशानी और ज्यादा बढ़ ...