पूर्णिया, मई 14 -- जलालगढ़, एक संवाददाता। जलालगढ़ उत्तरी रेलवे गुमटी के समीप पश्चिम जाने वाली सड़क किनारे स्थित वर्षों पुराना मां काली मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मंदिर में प्रतिदिन सुबह-शाम पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर करीब 250 वर्ष पुराना है।

मंदिर की पूजा पूर्व में यहां तीन पिंड की पूजा होती थी जबकि दीपावली के अवसर पर मां काली की प्रतिमा स्थापित कर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। वर्तमान में मंदिर परिसर में भगवान शिव, मां काली एवं बजरंगबली के स्थायी मंदिर स्थापित हैं जहां प्रतिदिन नियमित पूजा एवं संध्या आरती धूमधाम से होती है।

चोरी की घटनाएं हालांकि हाल के दिनों में मंदिर परिसर में लगातार चोरी की घटनाओं से श्रद्धालुओं में आक्रोश बढ़ता ...