हमीरपुर, जून 8 -- राठ, संवाददाता। डेढ़ लाख की आबादी वाले राठ कस्बे में 25 वार्ड है। लेकिन पेयजल व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। कस्बे में एक दिन छोड़कर एक दिन पानी नसीब होता है। सालों बीत गए लेकिन यह व्यवस्था बदल नहीं सकी। कस्बे में जलापूर्ति के लिए 14 नलकूप है लेकिन पूरी क्षमता से पानी नहीं दे पाते। जिससे कोटबाजार में 6 दशक पुरानी बनी पानी की दो टंकियां भर नहीं पाती और एक दिन छोड़कर एक दिन पानी आधा घंटा के लिए आता है। नगर पालिका के पास कई टैंकर है और लोगों की सुविधा के अनुसार भेज दिया जाता है। चारों ओर नई बस्तियां बस गई हैं। जहां पर पाइपलाइन नहीं है और लोग समरसेबल या हैंडपंप का खारा पानी पीकर जीवन यापन कर रहे हैं। तकरीबन 94 करोड़ की लागत से कस्बे के लिए पेयजल लाने की मौदहा डैम पेयजल परियोजना का शुभारंभ हुआ था। लेकिन 11 साल पर बीत जाने के बाद भ...