कानपुर, मई 10 -- सिकंदरा, संवाददाता। शासन की महात्वाकांक्षी सामूहिक पेयजल योजना ठेकेदारों की भेंट चढ़ जाने से यमुना पट्टी में हैंडपंपों का जलस्तर गिर जाने से पेयजल की त्राहि-त्राहि मची है। ग्रामीण मवेशी को पानी पिलाने के लिए यमुना जाने को विवश हैं। यमुना पट्टी के आखिरी छोर पर बसे गांव गौहानी बांगर के ग्रामीणों अतुल बाजपेई, सुरेश कुमार, रविन्द्र सिंह, अम्बरीष कुमार, ज्ञानेंद्र कुमार, नरेंद्र कुमार ने बताया कि वैसे भी विकास परक योजनाएं यमुना पट्टी तक पहंुचते-पहंुचते दम तोड़ देती हैं। गांव में सरकार की योजना के एक वर्ष बनी पानी की टंकी से आस बंधी थी कि अब घर-घर पानी मिलने से पेयजल संकट पर विराम लग जायेगा, लेकिन ठेकेदार द्वारा घर-घर टोटिंया लगाने के बाद पानी का परीक्षण करने के बावजूद पानी नहीं दिया, जबकि दो आपरेटरों की नियुक्ति भी कर दी गयी न प...