लखनऊ, अप्रैल 25 -- दुनिया भर में हर 10 में एक व्यक्ति किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। अब जलवायु परिवर्तन व पर्यावरणीय कारणों से समस्या और गंभीर हो गई है। यह जानकारी लोहिया संस्थान में नेफ्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अभिलाष चन्द्रा ने दी। लोहिया संस्थान के नेफ्रोलॉजी विभाग की ओर से प्लैनेटरी हेल्थ इन नेफ्रोलॉजी विषय पर कार्यशाला हुई। कार्यशाला का शुभारंभ निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने किया। डॉ. अभिलाष चन्द्रा ने कहा कि बढ़ता तापमान शरीर में पानी की कमी पैदा कर रहा है, जिससे किडनी पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं असुरक्षित पानी,वायु प्रदूषण संक्रमण का बड़ा कारण है। निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने कहा कि वायु प्रदूषण के सूक्ष्म कण और रसायन खून के जरिए किडनी को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा रहे हैं। खान-पान में मौजूद भारी धातुएं और कीटनाशक भी किडनी की कार्यप्रणाली बि...