गया, अक्टूबर 6 -- मगध विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग और द क्लाइमेट एजेंडा के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को 'जलवायु सजगता : सतत भविष्य के निर्माण में युवाओं के मनोविज्ञान की समझ' विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि आईआईएम बोधगया की निदेशक प्रो. विनिता एस. सहाय ने संसाधनों के पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को सतत विकास का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि जलवायु संकट से निपटने के लिए युवाओं को जागरूक होने के साथ नेतृत्वकारी भूमिका निभानी होगी। मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केशरी ने पांच प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों के दुष्प्रभावों की चर्चा करते हुए बढ़ते वैश्विक तापमान और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों के सामने गंभीर संकट खड़ा होगा। कु...