दिल्ली, जून 16 -- वैज्ञानिकों ने लगभग 166,000 वर्ग किलोमीटर में फैले कोरल रीफ की पहचान की है जो जलवायु परिवर्तन के दौर में अपना अस्तित्व बचाने और उससे उबरने में सक्षम हैं.मंगलवार को जारी एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक पहले जितना सोचा गया था उसकी तुलना में यह कोरल रीफ करीब तीन गुना बड़ी है.दुनिया भर के कोरलरीफ करीब एक तिहाई समुद्री जीवन को आसरा देते हैं.हालांकि उग्र उष्णकटिबंधीय तूफानों, प्रदूषण और बढ़ते समुद्री तापमान की वजह से उनके बड़े पैमाने पर "ब्लीचिंग" का खतरा पैदा हो गया.कुछ वैज्ञानिकों ने तो चेतावनी दी है कि वे ऐसी क्षति झेल रहे हैं जिसकी भरपाई नहीं हो सकेगी.खतरा झेलने में सक्षम कोरल रीफहालांकि कई दशकों के जलवायु और समुद्री आंकड़ों के साथ 45,000 कोरल सर्वे का विश्लेषण करने के बाद जलवायु परिवर्तन के लिहाज से लचीले रीफ की पहचान हुई है...