समस्तीपुर, अगस्त 20 -- पूसा। राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी, नई दिल्ली के सचिव डॉ.ब्रह्म स्वरूप द्विवेदी ने कहा कि भारतीय कृषि चौराहे पर खड़ी है। जलवायु परिवर्तन, मृदा क्षरण और जल संकट चुनौतियों में शामिल है। इसका समाधान टिकाऊ कृषि उत्पादन प्रणाली से संभव है। प्राकृतिक खेती, सटीक कृषि, जैव उर्वरकों और संसाधन संरक्षण तकनीकों को एकीकृत करके विशिष्ट मॉडल के रूप् में विकसित करना समय की मांग है। वे गुरूवार को विवि के विधापति सभागार में वैज्ञानिको के अलावा छात्रो व चयनित किसानो को संबोधित कर रहे थे। मौका था विवि एवं आईपीएल के संयुक्त तत्वाधान में उत्पादकता और हरित विकास विषय पर एक दिवसीय सम्मेलन के उदघाटन सत्र का। यह भी पढ़ें- विवि के 50 छात्रों को मिलेगा 6 हजार प्रति माह मिलेगा स्टाईपंडउत्पादकता और हरित विकास अपने अघ्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ....