रायबरेली, जून 15 -- महाराजगंज,संवाददाता। महराजगंज का तहसील का भवन करीब-करीब खस्ताहाल हो चुका है। भवन की छतों से जहां प्लास्टर टूटकर गिर रहा है तो वहीं छत की सरिया में जंग लग गई। वहीं जर्जर भवन के नीचे बैठकर काम करने वाले कर्मचारी हर समय डरे रहते हैं। कुछ साल पहले जीर्णोद्वार के लिए आया बजट ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुआ। तहसील भवन का निर्माण वर्ष 1971 में गठन के साथ कराया गया था। 55 वर्ष में तहसील भवन बहुत जर्जर हो चुका है। तहसील की आबादी करीब साढ़े पांच लाख के करीब है। इसमें 211 राजस्व ग्राम हैं। शासन से जीर्णोद्धार के लिए मिली धनराशि ऊंट के मुंह में जीरे के समान होने के कारण भवन के रिनोवेशन में कोई अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। कार्यालय भवन का बरामदा एवं छज्जा पूरी तरीके से जर्जर है। जंग लगी स्लैब की सरिया दिख रही है। ईंट एवं प्लास्टर टूट टूट...