जर्जर सड़क ने रोकी शिक्षा, स्वास्थ्य और तरक्की की रफ्तार
गिरडीह, मई 29 -- खोरीमहुआ, प्रतिनिधि। धनवार प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बलहारा पंचायत के तारानाखो से कठउआ तक करीब 8 किलोमीटर लंबी सड़क आज भी बदहाल है। आजादी के 78 वर्ष बीत जाने के बाद भी आदिवासी एवं पिछड़ा बहुल यह इलाका मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। विकास की पहचान मानी जाने वाली सड़क अब क्षेत्र के लोगों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन चुकी है। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। खोरीमहुआ-कोडरमा मुख्य मार्ग स्थित तारानाखो से बभनी, कठउआ, चरखियाबर, कोनमरवा, बभनी तरी, रोहनियाटांड़, चुकरीबर, कर्माटांड़, भलुवाही, डगरनवा और कुंदा होते हुए कोडरमा जिला को जोड़ने वाली यह सड़क वर्षों से उपेक्षा की शिकार है। करीब 30 हजार की आबादी प्रतिदिन इस सड़क की बदहाली का दर्द झेलने को मजबूर हैं। सड़क पर बड़े-...
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