हरिद्वार, दिसम्बर 12 -- जिला अस्पताल के जर्जर भवन को असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद भी उसी भवन में आयुर्वेदिक चिकित्सालय चल रहा है। जबकि, यहां से जिला अस्पताल की ओपीडी, इमरजेंसी, लैब और कार्यालय पहले ही जिला महिला अस्पताल और मेला अस्पताल में शिफ्ट किए जा चुके हैं, लेकिन आयुर्वेदिक चिकित्सालय में एक डॉक्टर सहित सात कर्मचारी अभी भी जर्जर भवन में काम कर रहे हैं। रोज बड़ी संख्या में मरीज पंचकर्म और आयुर्वेदिक उपचार के लिए इस भवन में पहुंचते हैं। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन की हालत इतनी खराब है कि कभी भी हादसा हो सकता है। यहां दीवारों में दरारें, छत का गिरता प्लास्टर और कमजोर संरचना इस खतरे को बढ़ा रहे हैं। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. स्वास्तिक ने बताया कि इस चिकित्सालय को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कराने के लिए सीएमओ का...