संतकबीरनगर, जून 3 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जनपद में कभी शान की सवारी रही साइकिल अब गरीबी की निशानी बन गई है। बच्चों और अधेड़ उम्र के गरीब मजदूरों के अलावा कोई साइकिल से नहीं चलता। हालांकि इधर कुछ दिनों से लोग सेहत के लिए साइकिल खरीद रहे हैं। सुबह मॉर्निंग वाक की जगह साइकिलिंग पर जोर है। पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल की कीमतों में हुई वृद्धि का कुछ खास असर साइकिल बाजार पर देखने को नहीं मिल रहा है। केवल मजदूर तबके के लोग ही साइकिल खरीद रहे हैं। इसके अलावा बच्चों के लिए साइकिल खरीदी जा रही है। बाजार में पांच हजार से लेकए 20 हजार रुपए तक की साइकिलें उपलब्ध हैं। दुकानदारों की माने तो इधर कुछ दिनों में साइकिल की बिक्री बढ़ी है। इसके पीछे लोगों की जरूरत नहीं सेहत है। यह भी पढ़ें- पैडल पर जिंदगी: साधन संपन्न भी फिटनेस के लिए चुन रह...