भदोही, जून 23 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक का उपयोग तथा खेती की लागत कम करते हुए उत्पादन बढ़ाने के प्रति किसानों को गंभीर होना पड़ेगा। जरूरत से ज्यादा रासायनिक उर्वरक ख्ेातों में डालने से फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ही मृदा शक्ति घटने का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में किसान फसल के अनुसार ही उर्वरक का प्रयोग करें।

कृषि अधिकारी की सलाह जिला कृषि अधिकारी ईरम ने बताया कि खेती में जिस फसल को जितना आवश्यक हो उतना ही रासायनिक उर्वरक का प्रयोग करें। इसके लिए किसान भाइयों को पहले खेतों की मिट्टी की (जाँच) परीक्षण करना चाहिए। रिपोर्ट के आधार पर रासायनिक उर्वरकों जैसे डीएपी, यूरिया, पोटास आदि का प्रयोग करना चाहिए। बताया कि सल्फर, फास्फोरस, पोटाश तथा पोषक तत्वों का संतुलित प्रयोग फसल उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी ...