प्रयागराज, मार्च 14 -- प्रयागराज, संवाददाता। माह-ए-रमजान के जैसे-जैसे ईद नजदीक का आ रही है घरों व मस्जिदों में तैयारी तेज हो गयी है। वहीं तीसरे अशरे में रोजेदार अधिक से अधिक इबादत, तिलावत और दुबा में मशगूल हैं। शहर की छोटी-बड़ी मस्जिदों में इबादत करने वालों की संख्या बढ़ रही है।मोहम्मद अस्करी ने बताया कि रमजान के आखिरी 10 दिनों का खास महत्व है। इन दिनों में शबे-कद्र भी आती है, जिसे हजार महीनों से बेहतर रात माना गया है। रमजान के इन आखिरी दिनों में ज्यादा से ज्यादा नेक काम करें। जरूरतमंदों की मदद करें और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगें। साथ ही समाज में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ करें। शाकिब सिद्दीकी ने बताया कि रमजान के आखिरी अशरे में रोजेदार पूरी रात जागकर अल्लाह की इबादत करते हैं और अपने गुनाहों की माफी की दुआ करते हैं। फात्मा वेलफेय...