मैनपुरी, जून 26 -- मैनपुरी। लेखपाल भी वही है और जरीब भी वही है, बस कलक्ट्रेट का निजाम बदल गया है। विशेष समाधान दिवस के जरिए सरकारी और निजी जमीनों के विवादों को हल करने के लिए विशेष समाधान दिवस फरियादियों के लिए मील का पत्थर बनने लगा है। पिछले छह समाधान दिवस में 70 करोड़ से अधिक की जमीन खाली करवाई गई है और 1900 से अधिक मामलों का निस्तारण कराया गया है। अब तो आलम यह है कि जमीन से जुड़ा कोई मामला पैदा होता है तो फरियादी डीएम के सामने जाकर विशेष समाधान दिवस में शामिल करने का दवाब बनाने लगते हैं। डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जनशिकायतों की सुनवाई के दौरान देखा कि मैनपुरी में निजी और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे की सर्वाधिक शिकायतें आ रही हैं। हालांकि इन शिकायतों के निस्तारण के लिए डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के अलावा डीएम के जनता दर्...