बांदा, अगस्त 13 -- बांदा। क्रांतिकारियों ने आजादी के आंदोलन में पग-पग में अहम भूमिका निभाई। वर्ष 1930 में नमक कानून तोड़ो आंदोलन में पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी खूब भागादीरी की। महात्मा गांधी के आहवान पर पंडित गोपीनाथ दनादन की अगुवाई में सैकड़ों क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला। गिरवां के जंगल में नमक बनाया और कानून तोड़ा। 53 क्रांतिकारियों को जेल भेजा गया। यहां भी भोजन का तसला बजाकर जय हिंद के नारे लगाकर विरोध जताया। मर्दननाका निवासी पंडित गोपीनाथ दनादन के पुत्र सत्यप्रकाश द्विवेदी ने बताया कि ब्रिटिश सरकार ने 1930 में जब नमक पर टैक्स लगाया तब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने गुजरात पहुंचकर नमक बनाया और नमक कानून तोड़ा। देशवासियों से आह्वान किया कि आप भी बड़े पैमाने पर नमक कानून का विरोध करें। जिले में क्रांतिकारी पंडित गोपी...