जरासंध वध व द्रौपदी चीरहरण प्रसंग का किया वर्णन
हाथरस, मई 31 -- जरासंध वध व द्रौपदी चीरहरण प्रसंग का किया वर्णन -(A) सहपऊ। क्षेत्र के गांव बाग बधिक में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन अंतरराष्ट्रीय रसिक कथा वाचक महेश कृष्ण ठाकुर जी महाराज की कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और भक्तों ने श्रद्धा भाव से कथा का श्रवण किया। यह भी पढ़ें- जरासंध वध व द्रौपदी चीरहरण प्रसंग का किया वर्णनसुदामा चरित्र का वर्णन कथा के दौरान ठाकुर महाराज ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि सुदामा कोई दरिद्र ब्राह्मण नहीं थे, बल्कि संतोषी, कर्मकांडी एवं धर्मपरायण ब्राह्मण थे। वे शास्त्रों के निर्देशानुसार केवल पांच घरों में ही भिक्षा मांगने जाते थे और जो कुछ प्राप्त होता था, उसी से अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उन्होंने बताया कि सुदामा जानते थे कि...
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