नई दिल्ली, अगस्त 16 -- पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने 'अखंड भारत' की अवधारणा के संदर्भ में जो कुछ कहा है, वह उनके बड़बोलेपन का तो प्रमाण है ही, पाकिस्तानी नेताओं की भारत को लेकर जो कुंठाएं हैं, उसका प्रकटीकरण भी है। जरदारी ने फरमाया है कि 'भारतीयों की अपनी सोच, अपना नजरिया है। वे अखंड भारत में यकीन रखते हैं, लेकिन हम मुसलमान हैं, वे नहीं हैं। हम सहन करना जानते हैं।... पाकिस्तान में चार प्रतिशत हिंदू हैं और वे यहां उतने ही आजाद हैं, जितने कहीं और। वे भारत के बजाय पाकिस्तान में रहना पसंद करते हैं।' राष्ट्रपति जरदारी की इस तकरीर से साफ पता चलता है कि उनका इतिहास-बोध बेहद कमजोर है, वरना वह अपने मुल्क में हिंदुओं के 'चार फीसदी' होने को फख्र से नहीं, शर्म से याद करते, क्योंकि सन् 1947 में जब पाकिस्तान वजूद में आया था, तब वहां 14.6 फीस...