नई दिल्ली, सितम्बर 7 -- जयपुर नगर निगम चुनाव में इस बार असली लड़ाई सिर्फ भाजपा और कांग्रेस के बीच नहीं है। टिकट बंटवारे से नाराज होकर मैदान में उतरे बागी और तीसरे मोर्चे के प्रत्याशी दोनों प्रमुख दलों के वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी में हैं। वार्डवार तस्वीर सामने आने के बाद कई सीटों पर मुकाबला सीधी टक्कर से निकलकर त्रिकोणीय और बहुकोणीय हो गया है। ऐसे में चुनावी नतीजे पार्टी के परंपरागत वोट से ज्यादा स्थानीय पकड़, बागी प्रत्याशी की ताकत और वोट कटने के अंतर पर निर्भर कर सकते हैं। जयपुर के कई वार्डों में निर्दलीयों की संख्या इतनी अधिक है कि प्रत्याशियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने प्रतिद्वंद्वी दल से ज्यादा अपने ही खेमे के असंतुष्ट चेहरों से निपटने की है। कहीं पांच, कहीं सात तो कहीं आठ-नौ निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। वार्ड 62 मे...