जयपुर, मार्च 7 -- कहते हैं कि अगर जड़ों में शिक्षा और संस्कारों का खाद-पानी हो, तो सफलता का वृक्ष विशाल ही होता है। जवाहरनगर जयपुर के वेदांत सिंह धाकड़ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में 392वीं रैंक हासिल कर इस बात को सच कर दिखाया है। वेदांत की यह कामयाबी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान की भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय 'सेल्फ स्टडी' और तकनीक का सहारा लेकर यह मुकाम हासिल किया है।शानदार शैक्षणिक पृष्ठभूमि और पारिवारिक संबल वेदांत एक ऐसे परिवार से आते हैं जहां शिक्षा का गहरा प्रभाव है। उनके दादा प्रोफेसर बी.एल. वर्मा, कोटा विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति रहे हैं। घर में पढ़ाई-लिखाई का माहौल बचपन से ही था। उनके पिता यादवेन्द्र सिंह पेशे से इंजीनियर हैं और माता संध्या गहलोत एक निजी स्कूल में प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) के रूप म...