मथुरा, नवम्बर 30 -- जयगुरुदेव आश्रम में चल रहे पांच दिवसीय वार्षिक भंडारा सत्संग मेले में रविवार को भंडारे के दौरान पंकज महाराज ने श्रद्धालुओं को मानव तन, सनातन विज्ञान, सुरत-शब्द की महिमा, शाकाहार, नशामुक्ति और मानवीय गुणों को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार अत्यंत चिंतनीय हैं। द्वापर में एक द्रौपदी के चीरहरण से महाभारत हुआ था, आज नशे के कारण अनेक घटनाएं हो रही हैं। आने वाला समय चुनौतीपूर्ण है, इससे बचने का एकमात्र उपाय महात्माओं की शरण ग्रहण करना है। मंगल भवन अमंगलहारी का अर्थ स्पष्ट करते हुए पंकज महाराज ने कहा कि मानव तन जीवात्मा के कल्याण का आधार है और उसे दुखों, पापकर्मों और चौरासी के बंधन से बचाता है। उन्होंने बताया कि शरीर के दसवें द्वार पर स्थित जीवात्मा सुरत शब्द योग के माध्यम से प्रभु से ...