मुजफ्फरपुर, फरवरी 21 -- कांटी। साहित्य भवन कांटी में शनिवार को जयंती पर सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' को याद किया गया। नूतन साहित्यकार परिषद के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ निराला के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। चंद्रभूषण सिंह चंद्र ने कहा कि छायावाद के प्रमुख स्तंभ सूर्यकांत त्रिपाठी मात्र एक कवि नहीं, बल्कि अन्याय व सामाजिक रूढ़ियों के विरुद्ध एक जीवंत क्रांति थे। उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल हिंदी कविता को छंदों के बंधन से मुक्त किया, बल्कि शोषित और वंचित वर्ग की आवाज को बुलंद किया। राम की शक्ति पूजा, वह तोड़ती पत्थर और सरोज स्मृति जैसी रचनाएं उनके अदम्य साहस और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज है। कार्यक्रम में परशुराम सिंह, स्वराजलाल ठाकुर, रामेश्वर महतो, नंदकिशोर ठाकुर, महेश कुमार, मनोज मिश्र, रोहित रंजन, आदर्श सिंह राजप...
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