लखीमपुरखीरी, फरवरी 24 -- गोला गोकर्णनाथ, संवाददाता। गुरु हरिकिशन महाविद्यालय एवं जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में जम्मू-कश्मीर संकल्प दिवस के अवसर पर एक विचार गोष्ठी की गई । कार्यक्रम में 22 फरवरी 1994 को भारतीय संसद द्वारा पारित उस संकल्प का उल्लेख किया गया, जिसमें जम्मू-कश्मीर को भारत का अविभाज्य अंग बताया गया था। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. निर्मल सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में प्रजा परिषद के प्रमुख नेता पंडित प्रेमनाथ डोगरा का स्पष्ट मत था कि प्रदेश में भारत का संविधान पूर्ण रूप से लागू होना चाहिए। कार्यक्रम संयोजक डॉ. आदर्श दीक्षित ने जम्मू-कश्मीर के इतिहास पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के प्रसिद्ध कथन एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्र...