जमुई, सितम्बर 22 -- बिहार के जमुई कांड का वीडियो वायरल नहीं होना चाहिए था, लेकिन फोन में कैद हुआ कुछ सेकंड का सबूत ही शायद न्याय का एकमात्र रास्ता बनेगा। इसकी वजह भी साफ है कि घटना दो दिन पहले हुई और सोशल मीडिया पर गुस्सा दो दिन बाद फूटा, पुलिस दो दिन बाद जागी, परिजन दो दिन बाद हरकत में आए, सियासी बयानबाजी दो दिन बाद हुई। अगर यह वीडियो सामने नहीं आता तो यह बात दब गई थी। खबरें ये भी हैं कि इस कांड का सबसे बड़ा आरोपी 'लाल गमछे' वाला अपने साथियों के साथ पहले ही घात लगाए बैठा था। हालांकि, इसे लेकर पुलिस ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है। यह घटना 19 सितंबर की है। पुलिस अधिकारी खुद मान रहे हैं कि इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद ही हरकत में आए थे। बताया जाता है कि जिस जमुई लखीसराय मार्ग पर यह घटना हुई है, वो खासा व्यस्त मार्ग है। इतना ही नह...