भागलपुर, अप्रैल 10 -- जमुई से सुधांशु की रिपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय सेफ्टी दिवस के अवसर पर कल्याणपुर मोहल्ला स्थित मीना संवाद कक्ष में "मानव के दैनिक जीवन में सेफ्टी पिन की भूमिका व महत्व विषय पर एक परिचर्चा की गई, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षक दिनेश मंडल ने की।मुख्य वक्ता के बतौर मुंगेर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग के वरिष्ठ सहायक प्राचार्य डॉ. गौरी शंकर पासवान ने कहा कि सेफ्टी पिन टूटे धागों को जोड़ने वाला जीवन का मौन सूत्रधार है, जो हर बिखराव को चुपचाप संभाल लेता है। यह जीवन की उलझनों को सुलझाने वाला सूक्ष्म किंतु, प्रभावशाली माध्यम भी है। सेफ्टी पिन कपड़ों की मर्यादा और व्यक्तित्व की गरिमा को बनाए रखने वाला मूक रक्षक है। यह सादगी की सुरक्षा का ऐसा प्रतीक है, जो आकार में भले ही छोटी हो, परंतु इसकी भूमिका व महत्व बहुआयामी ...