भागलपुर, नवम्बर 20 -- -प्रस्तुति: राकेश सिन्हा कुंडघाट जलाशय योजना न केवल सिंचाई सुविधाओं को बढ़ावा देगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और पर्यावरणीय विकास में भी योगदान देगी। इस परियोजना से किसानों की आय बढ़ेगी, जल संरक्षण होगा और पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि हजारों एकड़ कृषि भूमि उपलब्ध है, जहां सालभर खेती हो सकती है, क्योंकि कृषि ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या खेतों तक पानी न पहुंच पाने की है, जिससे फसल उत्पादन सीमित रह जाता है। कई किसान छोटे तालाबों और पाइपलाइन के सहारे सिंचाई करते हैं, पर गर्मी में तालाब सूख जाने से खेती ठप हो जाती है। कुंडघाट जलाशय योजना के कारण सिकंदरा समेत करीब 50 गांव में पानी की भारी कमी और दिक्कत का समस्या उत्पन्न हो गया है। जिस कारण हजारों एकड़ जमीन बंजर होते...
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