भागलपुर, मार्च 15 -- जमुई। सिमुलतला के सेवा धाम में आयोजित श्री श्री 1008 शिवशक्ति महायज्ञ के पावन अवसर पर निरंजनी पीठाधीश्वर, आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य पाद स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के मुखारविंद से शिवपुराण कथा प्रवचन से उत्सर्जित आध्यात्मिक ऊर्जा व भक्ति के सागर में हजारों श्रद्धालुओं डुबकी लगाने पहुच रहे हैं । जब महाराज श्री के मुखारविंद से शिवपुराण के गूढ़ रहस्यों की व्याख्या होती है, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं महादेव साक्षात उपस्थिति दर्ज करा रहे हों। महाराज श्री के मधुर भजनों और गंभीर वचनों ने श्रद्धालुओं के हृदय को झकझोर कर रख दिया है। कथा के दौरान जब महाराज जी ने महादेव के दयालु स्वरूप का वर्णन किया, तो पंडाल में मौजूद हजारों भक्तों की आंखे सजल हो उठीं। उन्होंने बड़े ही भावपूर्ण ढंग से कहा। शिव केवल कैलाश पर रहने वाले ...