भागलपुर, अप्रैल 23 -- जमुई से सुधांशु लाल की रिपोर्ट जमुई। विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर पुस्तक का महत्व व पुस्तक सबका सुख-दुख का साथी विषय पर एक परिचर्चा कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के बतौर बोलते हुए मुंगेर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. प्रो.गौरी शंकर पासवान ने कहा कि पुस्तक हमारी सभ्यता की धरोहर होती है. यह पुस्तक ना जाने तमाम दुनिया के कितने बुद्धिमान लेखक एवं लेखिकाओं के विभिन्न विचारों और सृजन से तैयार होती हैं। उससे हमें जीवन की सीख देती है। प्रो. पासवान ने कहा कि पुस्तक में इतनी शक्ति होती है कि वह मुर्दा दिलों में भी जान डाल देती है। पुस्तकें हमारे जीवन रूपी घर की खिड़कियां हैं, जिनसे प्रकाश आकर हमें प्रकाशमान कर देता है। यह पुस्तक ही तो हैं, जो काल्पनिक और सच्ची घटनाओं और कहानियों से गुजरती हैं और एक नई जीवन शैली की प्रेरणा देत...
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