भागलपुर, अप्रैल 5 -- अलीगंज निज संवाददाता लगातार हो रही अगलगी की घटना से किसानों में फसल जलने को लेकर भय व्याप्त हो गया है। जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है वैसे-वैसे पछुआ हवा की रफ्तार भी बढ़ रही है, ऐसे में आग की छोटी चिंगारी भी विकराल रूप ले लेती है।कभी -कभी किसान मजदूरो या राहगीरों की छोटी से चूक जैसे बीड़ी ,सिगरेट पी कर जहा-तहा फेक देना, चूल्हे से बानी निकालकर खुले में फेंक देना छोटी सी चिंगारी दावानल बन जाती है।इस अगलगी की घटना से अलीगंज प्रखंड के ग्रामीणों की धड़कनें तेज होने लगी हैं। विडंबना यह है कि आजादी के दशकों बाद भी इस महत्वपूर्ण प्रखंड में आग जैसी विभीषिका से निपटने के लिए सरकारी स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था नही है। आलम यह है कि अगर किसी गांव में चिंगारी भड़कती है, तो दमकल वाहन आने तक सब कुछ राख हो चुका होता है। अलीगंज प्रखंड की भौगोलिक स...