गिरडीह, मई 30 -- जमुआ, प्रतिनिधि। प्रखंड क्षेत्र में गर्मी और पेयजल संकट के बीच सरकार की महत्वाकांक्षी जल योजनाओं की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। लाखों रुपए खर्च कर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के दावे जमुआ प्रखंड क्षेत्र में पूरी तरह हवा हवाई साबित हो रहे है। ऐसा ही एक बड़ा मामला जमुआ प्रखंड के धर्मपुर पंचायत अंतर्गत ग्राम श्याम सिंह नावाडीह स्थित हाजरा टोला से सामने आया है। जहां लाखों की लागत से बने जल मीनार आज केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। दो साल बाद भी नहीं मिला पानी2023 में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से जल जीवन मिशन के तहत इस योजना की शुरुआत की गई थी। यह भी पढ़ें- आठ लाख की योजना दो साल से अधूरी, पानी को भटक रहे ग्रामीण लगभग 8 लाख रुपए की भारी भरकम लागत से सोलर आधारित ग्रामीण लघु जलापूर्ति योजना के तह...