नई दिल्ली, नवम्बर 2 -- सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि लंबे समय तक किसी जमीन पर कब्जा होने मात्र से मालिकाना हक नहीं मिल जाता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इसके लिए यह साबित करना भी जरूरी है कि कब्जा किस मुद्दे पर मूल मालिक के खिलाफ हो गया। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एस. चंद्रशेखर की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि किसी संपत्ति पर सिर्फ लंबे समय तक कब्जा होने भर से 'प्रतिकूल कब्जा' यानी 'एडवर्स पोजेशन' का दावा साबित नहीं होता। पीठ ने हाल ही में पारित फैसले में स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति जमीन पर प्रतिकूल कब्जे का दावा करता है, उसके लिए यह साबित करना होगा अनिवार्य है कि उसका कब्जा मूल मालिक के अधिकार के खिलाफ था और वह कब्जा कानून की अनिवार्य शर्तों को पूरा करता था। सुप्रीम कोर्ट ने 1981 मे...