चतरा, जून 20 -- टंडवा निज प्रतिनिधि सीसीएल के लिए जिन जमीनों को अधिग्रहण किया गया है उनके 60 फीसदी मालिकों नौकरी के लिए तरस रहे है। जमीन मालिको के जमीनो पर खरीद बिक्री पर प्रतिबंध तो लग गया। परन्तु सीसीएल में नौकरी के लिए दो दशक का अधिक समय गुजरेगा। जिससे जमीन मालिकों के बीच रोष की चिंगारी सुलग रही है।बताया गया कि सीसीएल के मगध आम्रपाली, संघमित्रा और चंद्रगुप्त के विस्तार के लिये 25 हजार एकड़ से अधिक रैयती जमीनों का अधिग्रहण कर लिया गया है। परन्तु सीसीएल के नियमों के अनुसार जमीनों के बदले नौकरी उन मालिकों को मिलेगी जिसे पांच साल के अंदर सीसीएल युज करेगी। यह सीसीएल की सालों की पालिसी है।इससे किसान पूरी तरह हताश और निराश हैं। जानकारी के अनुसार हर दो एकड़ में परिवार के एक सदस्य को सीसीएल में नौकरी देने का प्रावधान है और लगभग 18 लाख मुआवजा भुगत...