प्रयागराज, अप्रैल 10 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि रेफरेंस कोर्ट (संदर्भ न्यायालय) को कलेक्टर के अवॉर्ड को निरस्त कर मामले को दोबारा कलेक्टर के पास भेजने (रिमांड) का अधिकार नहीं है। न्यायमूर्ति संदीप जैन ने यह टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार की अपील को स्वीकार कर लिया। यह मामला सिद्धार्थनगर जिले के इटवा तहसील स्थित ग्राम तेनुआ ग्रांट में मैनाराजवाहा के निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि से जुड़ा है। वर्ष 2010 में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई थी और कलेक्टर ने 13 नवंबर 2019 को लगभग 1.14 करोड़ रुपये का मुआवजा निर्धारित किया था। भूमि मालिकों ने इस मुआवजे को चुनौती देते हुए रेफरेंस कोर्ट में आवेदन किया। रेफरेंस कोर्ट ने 25 मार्च 2023 के अपने आदेश में कलेक्टर के अवॉर...