मुंगेर, दिसम्बर 31 -- जमालपुर, निज प्रतिनिधि। लौहनगरी जमालपुर सौंदर्य और अस्था के प्रतीक के रूप में देश व विदेशों में प्रसिद्ध है। जमालपुर पहाड़ की शृंखला पर मां यामाला काली मंदिर स्थित है, तो इसकी तराई में बाबा जमाल शाह का मजार है। इन दोनों के आशीर्वाद से शहर में भाईचारगी, सादगी, एकता, अमन और शांति कायम है। वैसे काली पहाड़ी का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है। वहीं बाबा जमालशाह का इतिहास 16वीं शताब्दी के मुगल सल्तनत से है। साल की विदाई शांति से हो तथा नए साल 2026 का भव्य स्वागत को लेकर शहरवासियों के कदम काली पहाड़ी ओर आज से बढ़ जाएंगे। मंगलवार को भक्तों ने विशेष पूजा-अर्चना की। वहीं बुधवार को साल की अंतिम हजारों भक्तों का तांता काली पहाड़ी अवस्थित मां यमला काली, श्री राधा-कृष्ण बलराम मंदिर सहित अन्य देवी देवताओं की मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना ...
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