जमानत की शर्त इतनी कठिन न हो कि राहत ही हो जाए बेअसर : हाईकोर्ट
रांची, अगस्त 25 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने कहा है कि जमानत देते समय ऐसी कठिन या भारी-भरकम शर्त नहीं लगाई जानी चाहिए, जिसका पालन आरोपी के लिए संभव ही न हो। ऐसी शर्त लगाने से एक हाथ से जमानत देने और दूसरे हाथ से उसे वापस लेने जैसी स्थिति बन जाती है। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने गोड्डा निवासी शपथ कुमार चंद्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। मामले में याचिकाकर्ता ने वर्ष 2014 में मिली अग्रिम जमानत की शर्त में संशोधन की मांग की थी। 26 मार्च 2014 को हाईकोर्ट ने उसे अग्रिम जमानत देते हुए तीन लोगों संजय दुबे, राजेश साह और अरुण सिंह को 35-35 हजार रुपये देने तथा जीवन भगत के नाम 23 हजार रुपये का बैंक ड्राफ्ट जमा करने की शर्त लगाई थी। यह भी पढ़ें- डबल मर्डर के 45 साल बाद 70 वर्षीय आरोपी को मिली रिहाई; 3 अन्य आरोपियों...
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