नई दिल्ली, मई 28 -- बात अगस्त 2017 की है। गुजरात में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होने थे। भाजपा ने अमित शाह और स्मृति ईरानी को अपना उम्मीदवार बनाया था, जबकि कांग्रेस ने सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल को पांचवी बार राज्यसभा में भेजने के लिए उम्मीदवार बनाया था। उधर, भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने ठान लिया था कि अहमद पटेल को इस बार संसद नहीं पहुंचने देना है। इसके लिए जो सियासी चक्रव्यूह रचा गया था, उसमें कांग्रेस के ही बागी विधायक बलवंत सिंह राजपूत को अहमद पटेल के खिलाफ खड़ा कर दिया था। उस वक्त गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के 51 विधायक थे। इनमें से छह विधायकों ने शंकर सिंह बाघेला के साथ बगावत कर दी थी। इनमें से तीन ने भाजपा का दामन थाम लिया था। उन्हें में से एक विधायक बलवंत सिंह राजपूत थे, जिन्हें भाजपा ने राज्य...