नई दिल्ली, अक्टूबर 26 -- सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस संजय किशन कौल की किताब में किए गए दावों की वजह से खलबली मच गई है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ कॉलेजियम में चर्चा से पहले सरकार से सहमति लेते थेऔर सरकार के दबाव में फैसले लेते थे। उन्होंने अपनी किताब में कहा कि 12 जनवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस एक भूकंप की तरह थी। इससे न्यायपालिका की फाल्ट लाइन्स खुलकर सामने आ गईं। आपको बता दें कि जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस चेलामेश्वर, मदन लोकुर और कुरियन जोसेफ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आरोप लगाया था कि तत्कालीन चीफ जस्टिस अपनी ताकत का इस्तेमाल करके मनमर्जी से रोस्टर बनाते हैं और उन्हें अपने मनचाहे तरीके से कैसे असाइन करते हैं।लोगों को पता चल गया जजों के बीच का मतभेद द ट्रिब्यून ने किताब के हवाले से बताया,...