नई दिल्ली, मई 15 -- दिल्ली शराब घोटाला केस में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी (AAP) के कई नेताओं के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू किए जाने का आदेश दिया है। इसके बाद एक बार फिर वरिष्ठ वकील और AAP के पूर्व नेता प्रशांत भूषण का चर्चित Contempt Case चर्चा में आ गया है। साल 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को न्यायपालिका पर किए गए ट्वीट्स के मामले में अवमानना का दोषी माना था। हालांकि सजा के तौर पर अदालत ने आखिरी में उन पर सिर्फ 1 रुपये का जुर्माना लगाया था। जानिए 1 रुपये जुर्माना वाले केस की पूरी कहानी।2020 में दो ट्वीट से शुरू हुआ था अवमाना केस प्रशांत भूषण पर चले कोर्ट की अवमानना का मामला अगस्त 2020 का है। इसकी शुरुआत प्रशांत भूषण के दो ट्वीट्स से हुई थी, जिन पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान (suo ...