रामपुर, जून 25 -- इसे सत्ता की हनक ही कहा जाएगा कि जब-जब आजम खां सूबे की सरकार में मंत्री रहे, उनके जौहर ट्रस्ट पर खूब धनवर्षा हुई। जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण से लेकर उसके संचालन तक को आजम के समर्थकों ने दिल खोलकर चंदा दिया। आयकर की जांच में जब घपलेबाजी सामने आयी तो जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण रद कर दिया गया। इससे आजम को बड़ा झटका लगा है। अब जौहर ट्रस्ट महज व्यक्तियों का संघ्ज्ञ बनकर रह गया है। धोखाधड़ी में सजायाफ्ता रामपुर में जेल में बंद आजम खां की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। उन पर ईडी और आयकर दोनों का शिकंजा है। पूर्व में जब आजम खां सीतापुर जेल में बंद थे तब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम उनसे प्रिवेंशन आफ मनी लॉंड्रिंग एक्ट के तहत दर्ज केस में पूछताछ कर चुकी है। 17 जून को आयकर ने उन्हें जो नोटिस भेजा था, उसमें भी इसका जिक्र गया है। मालू...