नई दिल्ली, फरवरी 9 -- प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचन अकसर जीवन से जुड़ी उन मुश्किलों का हल बन जाते हैं, जहां व्यक्ति खुद को या तो अकेला या फिर बेहद कमजोर महसूस करने लगता है। फरवरी का महीना वैलेंटाइन वीक के लिए फेमस होता है। ऐसे में प्रेमी जोड़े हों या शादीशुदा कपल्स ज्यादातर लोगों की एक कॉमन शिकायत अपने पार्टनर से बनी रहती है कि उनका पार्टनर या तो उनकी कद्र नहीं करता या फिर उनके सच्चे प्यार को समझ नहीं पाता है। इस तरह की समस्या से परेशान लोगों के लिए प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि 'रिश्तों के उस मोड़ पर खड़े होना सबसे ज्यादा दर्दनाक होता है, जहां आप अपना सब कुछ न्योछावर कर देते हैं, फिर भी सामने वाले की नजरों में वो प्यार 'नाकाफी' या 'अनदेखा' रह जाता है। हम अक्सर इस कशमकश में अपनी मानसिक शांति खो देते हैं कि आखिर कमी कहां रह गई। ऐसे भावुक ...