अररिया, जनवरी 22 -- अररिया, वरीय संवाददाता अररिया की माटी का ही कमाल है कि यहां के लोगों ने जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जैसे महान अहिंसा के पुजारी को सर आंखों पर बिठाया तो वहीं सुभाष चन्द्र बोस जैसे क्रांतिकारी नेता के भी विचार को भी आत्मसात करने से परहेज नहीं किया। 1939 का वो दिन ऐतिहासिक था जब पहली बार नेता जी के पैर इस धरती पर पड़े थे। हालांकि इससे पहले से वे यहां के लोगों की हमेशा खोज खबर लेते रहते थे। अररिया शहर में तो उनके कई मित्र भी थे। नेता जी को करीब से देखने व सुनने वाले जिले के प्रख्यात डॉक्टर बीपी वर्मा भले ही अब इस दुनिया में न हो लेकिन नेता जी के साथ वर्ष 1939 का उनका एक संस्मरण की चर्चा नहीं करना बेमानी होगी। डॉ. वर्मा ने यह संस्मरण खुद हिन्दुस्तान को सुनाये थे। डॉ. वर्मा के अनुसार उस समय वे छठी क्लास के छात्र थे। एक दिन...