जब तक जीवन में सत्संग नहीं होगा, तब तक जीवन का मूल नहीं: अर्चना मणि परासर
सीवान, जून 3 -- हसनपुरा, एक संवाददाता। प्रखंड के पकड़ी पंचायत के शेखपुरवा स्थित मां सिद्धेश्वरी हनुमंत मंदिर के परिसर में चल रहे सात दिवसीय महायज्ञ के पहले दिन सोमवार की रात श्रीधाम वृंदावन से पधारी कथावाचिका अर्चनामणि पराशर ने सत्संग की महिमा का व्याख्यान किया। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया कि जब तक जीवन में सत्संग नहीं होगा, तब तक जीवन का जो मूल है उसे नहीं समझा जा सकता है। वही मनुष्य के अंदर मानवता को लाना है, तो हरि के चरित्र को सुनना पड़ेगा और उसे अपने जीवन में उतारना पड़ेगा। कथावाचिका अर्चनामणि ने कहा कि भगवान की कथा में वो शक्ति है, जिससे मनुष्य जीने की क्या कला है उसे सीखता है। सत्संग के प्रभाव से श्रीराम जी क्षत्रिय कुल में आने के बाद भी भगवान बन गए और सत्संग के अभाव में रावण ब्राह्मण कुल में आने के बाद भी निशाचर कहलाया। व...
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