जब गिरवी रखा गया भारत का कई टन सोना, 2 देशों से लिया था लोन; आज गोल्ड से इतना खौफ क्यों
नई दिल्ली, मई 13 -- कच्चे तेल के बाद सोना भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा आयातित उत्पाद बन चुका है। इस पर भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च हो रही है। इसी के चलते यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से लोगों से गैर-जरूरी सोना खरीद टालने की अपील को भी इसी आर्थिक दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले की सरकारों ने भी सोने के आयात से पैदा हुए संकट को टालने के लिए कई एहतियाती कदम उठाने पड़े थे।दूसरा सबसे बड़ा खरीदार भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का खरीदार है। भारत के कुल आयात बिल में सोने की हिस्सेदारी करीब नौ फीसदी है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सोना आयात 24 प्रतिशत से अधिक बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर (6 लाख करोड़ रुपये से अधिक) पर पहुंच गया। यह 2024-25 में 58 अर...
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